यह किस्सा मिर्ज़ा ग़ालिब के आम के प्रति गहरे प्रेम को दर्शाता है। शराब के बाद अगर ग़ालिब को कोई चीज सबसे…
यह किस्सा मिर्ज़ा ग़ालिब के आम के प्रति गहरे प्रेम को दर्शाता है। शराब के बाद अगर ग़ालिब को कोई चीज सबसे ज्यादा पसंद थी तो वह थे आम। उनके खतों से पता चलता है कि आम खाने के लिए वह किसी भी घड़ी तैयार रहते थे। एक दफा मौलाना फजले हक ने आम के बारे में ग़ालिब से उनका ख्याल पूछा तो ग़ालिब ने कहा कि 'एक तो मीठा हो और दूसरे भरपूर हो'। 60 साल की उम्र में ग़ालिब द्वारा लिखे गए एक खत से उनका 'आम प्रेम' व दर्द दोनों झलकता है। उन्होंने लिखा कि अब वह ज्यादा नहीं खा सकते। एक बैठक में 10-12 ही, और अगर वे बड़े हों तो बमुश्किल छह-सात ही। अफसोस जवानी के दिन बीत गए, बीतने ही थे, अब तो जिंदगी के दिन भी खात्मे की ओर हैं। #MirzaGhalib #Ghalib #Aam #UrduAdab #Literature #UrduPoetry #MangoLove
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