राम तुम्हारे युग का रावन अच्छा था दस के दस चेहरे सब बाहर रखता था. - प्रताप सोमवंशी
राम तुम्हारे युग का रावन अच्छा था राम तुम्हारे युग का रावन अच्छा था दस के दस चेहरे सब बाहर रखता था. - प्रताप सोमवंशी Read on on record.