पैसे के आधार पर भेदभाव
पैसे के आधार पर भेदभाव जाति के आधार पर भेदभाव धर्म के आधार पर भेदभाव जब तक ये ज़ख्म आपकी अपनी ज़िंदगी को नहीं छूते तब तक अक्सर आपको लगता है कि ऐसा कुछ होता ही नहीं। दूसरों का दर्द हमेशा अतिशयोक्ति लगता है जब तक वही दर्द आपकी दहलीज़ पर दस्तक न दे दे।
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