*धृतराष्ट्र अच्छे से जानते थे कि उनका पुत्र अधर्म के रास्ते पर है लेकिन फिर भी वो राज्यधर्म निभाने के बजाय…
*धृतराष्ट्र अच्छे से जानते थे कि उनका पुत्र अधर्म के रास्ते पर है लेकिन फिर भी वो राज्यधर्म निभाने के बजाय पुत्र मोह में बंधे रहे। हुआ ये कि धृतराष्ट्र का पुत्र मोह महाभारत तक ले गया। फलां मंत्री जी का भी वही हाल है, पक्ष-विपक्ष में बढ़िया छवि थी लेकिन एथेनॉल और पुत्र मोह में फंस गए। अब हालत अभिमन्यु वाली हो गई है, चक्रव्यूह भेद तो दिया लेकिन बाहर कैसे निकलना है नहीं मालूम। यूपी के एक बहुत बड़े मंत्री रहे चुके हैं वो भी पुत्र मोह के चक्कर में इन दिनों जेल में हैं। याद रखना पुत्र मोह की सबसे बड़ी कीमत प्रजा चुकाती है।*
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