सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने एक बार फिर लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अपनी स्पष्ट राय रखी है।…

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने एक बार फिर लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और किसी के विचारों को दबाना उचित नहीं है। उनके मुताबिक अलग-अलग दृष्टिकोण और मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं, और यही वजह है कि कई बार लोग अपनी राजनीतिक राह बदलने का फैसला करते हैं। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब राघव चड्ढा समेत छह अन्य राज्यसभा सांसदों ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

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