'हसरत' की भी क़ुबूल हो मथुरा में हाज़िरी
'हसरत' की भी क़ुबूल हो मथुरा में हाज़िरी सुनते हैं आशिक़ों पे तुम्हारा करम है आज -हसरत मोहानी
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