रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता घट रही है जिससे खेती की लागत बढ़ रही है और पैदावार…

रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता घट रही है जिससे खेती की लागत बढ़ रही है और पैदावार प्रभावित हो रही है। ऐसे में हरी खाद एक प्राकृतिक और टिकाऊ विकल्प है। इसके लिए उगाई गई फसलों को फूल आने से पहले मिट्टी में मिला दिया जाता है जिससे मिट्टी में जैविक पदार्थ और पोषक तत्व बढ़ते हैं। ढैंचा (Sesbania) हरी खाद के लिए सबसे प्रभावी फसल मानी जाती है। यह कम पानी में उगती है, मिट्टी में नाइट्रोजन बढ़ाती है, जमीन की संरचना सुधारती है और उसकी उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करती है।

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Captured 19/6/2026, 5:23:11 am

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