‘बस एक ही साध है, लिखते लिखते कोई ऐसी चीज़ कलम से निकल जाए कि मैं सदा के लिए इनसान के दिल में जगह पा लूँ’

‘बस एक ही साध है, लिखते लिखते कोई ऐसी चीज़ कलम से निकल जाए कि मैं सदा के लिए इनसान के दिल में जगह पा लूँ’ -अमृतलाल नागर

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