रामपुर की फ़िज़ा बदल रही है। वैचारिक इख़्तिलाफ़ अपनी जगह, मगर जौहर यूनिवर्सिटी के मसले पर उठती आवाज़ें बता…
रामपुर की फ़िज़ा बदल रही है। वैचारिक इख़्तिलाफ़ अपनी जगह, मगर जौहर यूनिवर्सिटी के मसले पर उठती आवाज़ें बता रही हैं कि लोग अब समझने लगे हैं—तालीमी इदारे गिराए नहीं, बचाए जाते हैं। उम्मीद है यह आवाज़ और बुलंद होगी।......✍️😇
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