ओवरथिंकिंग हमारे भीतर का डर है। उस घटना का डर, जो अभी घटी ही नहीं उस दर्द का बोझ, जो अभी जिया ही नहीं, उन…
ओवरथिंकिंग हमारे भीतर का डर है। उस घटना का डर, जो अभी घटी ही नहीं उस दर्द का बोझ, जो अभी जिया ही नहीं, उन सवालों की थकान जिनका अस्तित्व ही नहीं। कई बार हमारी चिंताएँ हकीकत से नहीं हमारी कल्पनाओं से जन्म लेती हैं। ओवरथिंकिंग दरअसल उस कहानी का डर है जिसे जीवन ने अभी लिखा ही नहीं।
Read on on record.